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स्वास्थ्य

 

 

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स्वास्थ्य निदेशालय  

हमारे बारे में                                                                            

संगठन

लक्ष्य एवं उद्देश्य

मिशन स्टेटमेंट

भारत का रेलवे मानचित्र

हैल्थ केयर डिलीवरी सिस्टम

वित्तीय विश्लेषण

हैल्थ इंटेलिजेंस

असंतोषजनक दवाए

औषधीय कंपनीयों

 

संगठन

1.1  भारतीय रेलवे का मुख्यालय रेलवे बोर्ड में है। रेलवे बोर्ड का स्वास्थ्य निदेशालय भारतीय रेलवे के चिकित्सा विभाग का नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण करता है।

1.2  भारतीय रेलवे के 16 जोन हैं। प्रत्येक जोन में क्षेत्रीय रेलवे के चिकित्सा विभाग का प्रशासनिक नियंत्रण मुख्य चिकित्सा निदेशक (CMD) के अधीन होता है। 

इसके अतिरिक्त निम्नलिखित को तकनीकी परामर्श दिया जाता है :

-  वरिष्ठ प्रोफेसर/रेलवे स्टाफ कालेज, वडोदरा।

-  मुख्य चिकित्सा अधिकारी/कोंकण रेलवे

 

1.1       स्वास्थ्य निदेशालय/रेलवे बोर्ड/नई दिल्ली

http://indianrailways.gov.in/Health/images/org.jpg

 
 

क्र.सं.

पदनाम

नाम

टेलीफोन नंबर

फैक्स नंबर

ई-मेल एड्रेस

रेलवे

डाक एवं तार

1

महानिदेशक/रेल स्वास्थ्य सेवा

डा. वी.के.रामटेके

43799

23383638

23303985

dgrhs@rb.railnet.gov.in

1.1

वरि. निजी वैय.सचिव

श्री मनमोहन कौर

43463

23383638

23303985

ppsdgrhs@rb.railnet.gov.in

1.2

वैय.सचिव

सुश्री अनिता सेठ

43463

23383638

23303985

 

2

कार्यकारी निदेशक/स्वास्थ्य

डा. जयश्री राणा

43717

23386882

23386882

edh@rb.railnet.gov.in

2.1

वैय.सचिव

सुश्री ममता ठाकुर

43717

23386882

   

3

कार्यकारी निदेशक/स्वास्थ्य (योजना)

डा. पंकज कपूर

43739

23389623

23389623

edhp@rb.railnet.gov.in

3.1

वैय.सचिव

सुश्री मधु शर्मा

43739

23389623

   

4

निदेशक/इंड.हैल्थ

डा. मेनका एस. जैन

43479

23384370

 

dih@rb.railnet.gov.in

4.1

वैय. सहायक

श्री अनिल भट्ट

43479

23384370

   

5

निदेशक/स्वा. एवं परिवार कल्याण

डा. आर. के. जैन

43395

23388373

 

dhfw@rb.railnet.gov.in

6

वैय. सहायक

सुश्री साधना अग्रवाल

43395

23388373

   

7

उप निदेशक/स्वास्थ्य-II

सुश्री रजनी चड्ढा

43779

23303779

   

8

अनुभाग अधिकारी/स्वास्थ्य

श्री ज्योति स्वरुप

43779

 23303779

   

9

अनुभाग अधिकारी/स्वा. एवं परिवार कल्याण

श्रीमती अमिता भल्ला

43653

23303653

   

10

अनुभाग अधिकारी/स्वास्थ्य-II

सुश्री गुरविंदर कौर

43553

  23303553

 
 

लक्ष्य एवं उद्देश्य

 

भारतीय रेलवे हैल्थ केयर डिलीवरी सिस्टम निम्नलिखित दो महत्वपूर्ण कार्य करता है :

 

1.1 इंटस्ट्रियल मेडिसिन से संबंधित कार्य

 

1.2  रेलवे लाभार्थियों को चिकिस्ता सुविधा देने संबंधी कार्य

 

1.1 इंटस्ट्रियल मेडिसिन से संबंधित कार्य :

 

ए)  रेल दुर्घटनाओं और अन्य आकस्मिक घटनाओं को अटेंड करना।

बी)  यात्रा करने वाले बीमार यात्रियों आपात चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना।

सी)   केवल फिट एवं उपयुक्त उम्मीदवारों को सेवा में जुड़ने की अनुमति के लिए रोजगार-पूर्व चिकित्सा परीक्षा।

सी)  सेवारत कर्मचारियों की आवधिक चिकित्सा जांच (PME) ताकि ऐसे पदों पर फिट व्यक्तियों को काम पर बनाए रखा जा सके, जो गाड़ी के सुरक्षित चालन से जुड़े हों।

सेवारत कर्मचारियों के लिए मेडिकल बोर्ड और अन्य मेडिकल प्रमाणन।

 

एफबीमारी (सामान्य और एचओडी दोनों) के आधार पर श्रमदिनों की हानि पर नियंत्रण। इस पर चिकित्सा अधिकारियों द्वारा नियंत्रण रखा जाता है।

 

जी) रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षित जलापूर्ति:

 

रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध कराए गए पेय जल की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए निरंतर नज़र रखी जाती है।

 

रिपोर्टिंग का और असंतोषजनक रिपोर्टों के लिए उपचारात्मक उपाय करने के लिए एक बेहतर निर्धारित सिस्टम है।

 

एच)  रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षित भोजन की आपूर्ति:

 

रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षित भोजन की आपूर्ति के लिए निम्नलिखित गतिविधियां सुनिश्चित की गई हैं :

 

)   किचन एवं फूड-स्टालों का नियमित निरीक्षण।

बी)   फूड-हैंडलर्स की नियमित स्वास्थय जांच।

सी)   पीएफए अधिनियम के तहत भोजन के नमूने एकत्र करना।

सी)   गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली के तहत भोजन के नमूने एकत्र करना।

 

आई)   फैक्टरी अधिनियम सुनिश्चित करना:

 

फैक्टरी अधिनियम के अनुसार भारतीय रेलवे की सभी फैक्टरियों (ऐसी कुल 84 फैक्टरियां हैं) के लिए मेडिकल फर्स्ट-एड पदों की व्यवस्था की गई है।

 

जेकामगार क्षतिपूर्ति अधिनियम:

 

इस अधिनियम संबंधी गतिविधियां नियमित आधार पर चलाई जाती हैं।

 

के)  रेलवे स्टेशन, रेलवे यार्डों, रेलवे लाइन आदि में मृत शरीरों का नियमित आधार पर प्रमाणन किया जा रहा है।

 

एल)  जब कभी आवश्यक हो, शीघ्र खराब होने वाली वस्तुओं के निपटान के लिए रेलवे स्टेशन पर प्रमाणन की व्यवस्था की जाती है।

 

1.2   रेलवे लाभार्थियों को चिकित्सा सुविधाएं देने संबंधी गतिविधियां :

 

भारतीय रेलवे के चिकित्सा विभाग द्वारा कुल मिलाकर व्यापक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

 

ए.     उपचारात्मक हैल्थ केयर.

.1   प्राइमरी स्तर

.2   सेकेंडरी स्तर

.3   टेरटियरी स्तर

 

बी. प्रिवेंटिव हैल्थ केयर

 

सीप्रोमोटिव हैल्थ केयर

भारतीय रेलवे हैल्थ केयर डिलीवरी सिस्टम भारतीय रेलवे की आवश्यकता के अनुसार इंडस्ट्रियल मेडिसिन की व्यवस्था करता है और साथ ही रेलवे लाभार्थियों को चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराता है।

यह सिस्टम एक डायनेमिक सिस्टम है, जो उचित समय पर उपयुक्त बदलाव करता है ताकि रेलवे लाभार्थियों को समुचित चिकित्सा सुविधा मिल सके।

 

मिशन स्टेटमेंट

मानवीय दृष्टिकोण के नजरिये से रोगी की पूर्ण रूप से संतुष्टि  एवं प्रत्येक डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ का साझा तौर पर समर्पित होना ताकि आधुनिक एवं लागत प्रभावी तकनीकों और प्रौद्योगिकियों के उपयोग से गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवा दी जा सके।

 

वित्तीय विश्लेषण

6.1   11-200  संबंधी विवरण

आबंटन शीर्ष

11-200

-

अस्पताल एवं स्वास्थ्य इकाई

11-310               

-

कालोनी की साफ-सफाई

(ए)   कुल कार्यगत खर्चों की तुलना में व्यय का प्रतिशत :

       (आंकड़े करोड़ रु. में)

क्र.सं.

वित्त वर्ष

कुल साधारण कार्यगत

व्यय ( मांग 3-13)
(NET)

डाक्टरी चिकित्सा पर कुल

व्यय (11-200)

प्रतिशत

1

01-02  (वास्तविक)

28703

439

1.53%

2

02-03  (वास्तविक)

29684

469

1.58%

3

03-04  (वास्तविक)

30637

492

1.61%

4

04-05  (वास्तविक)

33389

541

1.62%

5

05-06  (वास्तविक)

34748

627

1.80%

6

06-07 ( R.E.)

38091

688

1.81%

7

07-08 ( B.E.)

42687

799

1.87%

(बी) प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष व्यय : 

क्र.सं.

वित्त वर्ष

डाक्टरी चिकित्सा पर

कुल व्यय

प्रति कर्मचारी

प्रति वर्ष

1

01-02 (वास्तविक)

439

2900

2

02-03 (वास्तविक)

469

3180

3

03-04 (वास्तविक)

492

3405

4

04-05 (वास्तविक)

541

3789

5

05-06 (वास्तविक)

627

4428

6

06-07  ( आर.ई.)

688

4914

7

07-08  ( बी.ई.)

799

5707

(सी)  प्रति लाभार्थी/प्रति वर्ष डाक्टरी इलाज की लागत :

रेल कर्मियों और उनके आश्रितों को निशुल्क डाक्टरी चिकित्सा उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान में हम प्रति कर्मचारी 4 सदस्यों की औसत लेते हैं। सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी, जो RELHS स्कीम का लाभ लेते हैं, उनके साथ उनके आश्रित भी निशुल्क डाक्टरी चिकित्सा के पात्र होते हैं। हम RELHS के प्रति लाभार्थी 2 सदस्यों की औसत लेते हैं।

वित्त वर्ष

कुल कर्मचारी

और रेलकर्मी

कुल लाभार्थी

डाक्टरी इलाज की कुल लागत
शीर्ष 11-200#

प्रति लाभार्थी/प्रति वर्ष डाक्टरी

इलाज की लागत

04-05  (वास्तविक)

1428000

6160378

541 करोड़ रु.

878/- रु.

224189

         

05-06 (वास्तविक)

1416000

6183228

627 करोड़ रु.

1000/- रु.

259614

टिप्पणी:   2003-2004 से लाभार्थियों में R.E.L.H.S. भी शामिल हैं।

 # यह लागत इंडस्ट्रियल मेडिसिन और भारतीय रेलवे के लिए उपचारात्मक दवाओं दोनों के लिए है।

11-200 संबंधी विवरण

(डी) कुल कार्यगत खर्चों की तुलना में व्यय का प्रतिशत : (आंकड़े करोड़ रु. में)

क्र.सं.

वित्त वर्ष

कुल साधारण कार्यगत व्यय ( मांग 3-13)
  (सकल)

डाक्टरी इलाज पर कुल व्यय
(11-200)

प्रतिशत

1

01-02  (वास्तविक)

34673

439

1.27%

2

02-03 (वास्तविक)

35956

469

1.30%

3

03-04 (वास्तविक)

37432

492

1.31%

4

04-05 (वास्तविक)

40719

541

1.33%

5

05-06 (वास्तविक)

42843

627

1.46%

6

06-07  ( R.E.)   

46696

688

1.47%

7

07-08  ( B.E.)

51783

799

1.54%

(ई)  प्रति वर्ष प्रति लाभार्थी व्यय :  

वर्ष

चिकित्सा व्यय शीर्ष 11-200 पर खर्च की गई राशि

कुल लाभार्थी

प्रति वर्ष प्रति लाभार्थी लागत

01-02

439 करोड़ रु.

63 लाख

Rs. 696

02-03

459 करोड़ रु.

63 लाख

Rs.728

03-04

492 करोड़ रु.

63 लाख

Rs.780

04-05

542 करोड़रु.

63 लाख

Rs.860

05-06

582 करोड़ रु.

63 लाख

Rs.923

06-07

(बजट)

     
 
हैल्थ केयर डिलीवरी सिस्टम
1. भारतीय रेलवे पर हैल्थ केयर डिलीवरी सिस्टम में सुधार के लिए किए गए उपाय हैल्थ केयर डिलीवरी सिस्टमहैल्थ केयर डिलीवरी
  1.1   रेलवे अस्पताल से 75 कि.मी. दूर स्थित हैल्थ यूनिटों में डाक्टरों को नियमित पैथालॉजिकल जांचों, जैसे ब्लड शूगर, ब्लड यूरिया, एस.क्रिएटिनी. एसजीओटी, एसजीपीटी, साधारण एक्स-रे आदि करने की बाहर से सुविधा दी जाती है। ईसीजी के लिए इन-हाउस सुविधा दी जाती है। इससे निम्नलिखित लाभ हुए हैं:
  (नियमित जांचों के लिए रेलवे अस्पतालों को रैफर किए गए रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाली प्रताड़ना खत्म हुई है।
(कई महत्वपूर्ण बीमारियां, जो पहले दूर नहीं हो पाती थीं, अब उनका निदान किया जा रहा है। टी.बी., डायबिटीज़, आईएचडी बीमारियों की निदान किया गया है।
भविष्य में 75 कि.मी. की दूरी को 25 कि.मी. करने की कोशिश करेंगे ताकि अधिक हैल्थ यूनिटों को ये शक्तियां प्रदान की जा सकें।
   
  1.2   रोड साइड मोबाइल मेडिकल वैन:
  रेलवे डाक्टर अपने कार्यक्षेत्र के लाइन सेक्शन में आने वाले प्रत्येक मार्गस्थ स्टेशन को सप्ताह में कम से कम दो दिन कवर करेंगे और केवल अपने निवास स्थान से चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। इस समय सभी 16 क्षेत्रीय रेलों में एक-एक हैल्थ यूनिट में यह पायलट परियोजना चलाई जा रही है।
   
  निम्नलिखित सेवाएं प्रदान की जानी हैं :
  परामर्शी सेवाएं।
बीदवा का वितरण।
 सी75 कि.मी. से अधिक दूरी पर स्थित हैल्थ यूनिट कॉमन इंवेस्टीगेशन प्राप्त कर सकेंगे।
डीटीकाकरण कार्यक्रम
माँ और बच्चे का स्वास्थ्य कार्यक्रम
एफकम्यूनिटी आधारित दवा।
जीआवधिकविशेषज्ञ सेवाएं।
एचस्वास्थ्य शिक्षा।
आईडॉट्स आदि जैसी विशिष्ट थेरेपी दी जा सकती है।
   
  यदि पायलट प्रोजेक्ट उपयुक्त पाया जाता है तो उसका विस्तार अन्य हैल्थ यूनिटों तक भी किया जाएगा।
   
 

1.3  अवैतनिक विजिटिंग विशेषज्ञ की तैनाती:
केंद्रीय अस्पताल के लिए अवैतनिक परामर्शदाताओं की वर्तमान व्यवस्था, जिन्हें 5000/- रु. प्रतिमाह  और अन्य रेलवे अस्पतालों के लिए  4000/- रु. प्रतिमाह दिए जाते हैं, के स्थान पर धीरे-धीरे अवैतनिक विजिटिंग विशेषज्ञ  लगाए जाएंगे। पूरी भारतीय रेलवे पर कुल मिलाकर 575 ऐसे विशेषज्ञ लगाए जा सकते हैं। रेलवे अस्पताल में 6 दिन/4 दिन और 2 दिन प्रति सप्ताह  आने के लिए उन्हें क्रमशः 20,000/- रु.प्रतिमाह, 14000/- प्रतिमाह और 7000/- रु. प्रतिमाह दिए जाएंगे।

रेलवे अस्पतालों में जब कभी हमारे अपने विशेषज्ञ डाक्टर उपलब्ध नहीं होते तो विशेषज्ञ सेवाओं को कवर करने के लिए यह व्यवस्था पर्याप्त समझी जाती है।

1.4  केसों के आधार पर कंसल्टेशन और सर्जिकल आपरेशनों के लिए निजी सेक्टर से विशेषज्ञ डाक्टरों को बुलाने के लिए। उन्हें अपनी प्रोफेशनल सेवाओं के लिए भुगतान किया जाएगा।
इस सुविधा से रेलवे अस्पताल प्राधिकारियों को पने रेलवे अस्पतालों में पर्याप्त विशेषज्ञ ट्रीटमेंट में मदद मिलेगी।

1.5  एनेस्टेथिक उपलब्धता के लिए, उनकी प्रोफेशनल सेवाओं के लिए भुगतान की दर बढ़ाई गई है।
एनेस्थेटिक के 9 या उससे कम पदों ाले रेलवे अस्पतालों से  एनेस्थेटिक के बिना नियमित पद वाले रेलवे अस्पतालों में बुलाए जा सकते हैं।

   
  1.6 रेलवे अस्पताल में बेहतर आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक इलाज के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
  आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक डाक्टरों के लिए बढ़ा हुआ संशोधित पारिश्रमिक :
 
  पहले संशोधित

4 घंटे/दिन के लिए 

4000/- रु. प्रतिमाह 7000/- रु. प्रतिमाह

8 घंटे/दिन के लिए 

6000/- रु. प्रतिमाह 10000/- रु. प्रतिमाह
   
  दवाओं की खरीद के लिए धनराशि को बढ़ाते हुए संशोधित किया गया है
 
  पहले संशोधित

आयुर्वेदिक क्लिनिक के लिए

2000/- रु. प्रतिमाह  6000/- रु. प्रतिमाह 

होम्योपैथी क्लिनिक के लिए

500/- रु. प्रतिमाह  2000/- रु. प्रतिमाह 
   
 

1.7  रेल सेवाओं में कांट्रेक्ट मेडिकल प्रेक्टिशनर (CMP) रखने के लिए उनके पारिश्रमिक को 13000/- रु. प्रतिमाह से बढ़ाते हुए 22000/- रु. प्रतिमाह संशोधित किया गया है।

  इसके द्वारा अब चिकित्सा अधिकारियों के अधिकांश पद भरे रखे जा रहे हैं।
   
  1.8  रिक्त ग्रुप’सी’ तकनीकी पद:
  रेल भर्ती बोर्ड से उम्मीदवार मिलने तक रिक्त ग्रुप’सी’ तकनीकी पद संविदात्मक आधार पर भरे जा सकते हैं।
  इससे ग्रुप ’सी’ के सभी रिक्त पदों को भरने में मदद मिली है।
   
2. पिछले 2 वर्षों में निर्माण कार्यक्रम में दी गई स्वीकृतियां
   
  2.1 नए रेलवे अस्पतालों की स्वीकृति
  केंद्रीय अस्पताल/पू.म.रे./पटना के लिए 36.33 करोड़ रु.।
) मंडल अस्पताल/आगरा/उ.म.रे. के लिए 3 करोड़ रु.।
) मंडल अस्पताल/रायपुर/द.पू.म.रे. के लिए 2.5 करोड़ रु.।
) मंडल अस्पताल/नांदेड़/द.म.रे. के लिए 3 करोड़ रु.।
   
  2.2 विद्यमान रेलवे अस्पतालों के लिए विस्तार कार्यक्रम: 
  मनचेश्वर अस्पताल/भुवनेश्वर से केंद्रीय अस्पताल/पू.तट रे. के लिए 1.5 करोड़ रु.।
बी) रेलवे अस्पताल/बिलासपुर/द.पू.म.रे. के लिए 4 करोड़ रु.।
सी) रेलवे अस्पताल/इलाहाबाद/उ.म.रे. के लिए 4 करोड़ रु.।
डी) रेलवे अस्पताल/जबलपुर/प.म.रे. के लिए 6 करोड़ रु.।
) रेलवे अस्पताल/हुबली/द.प.रे. के लिए 1.5 करोड़ रु.।
एफपूर्व रेलवे बी.आर.सिंह अस्पताल/कोलकाता के लिए 23 करोड़ रु.।
   
3. आगामी योजनाएं जो विचाराझीन हैं
 

अनेक योजनाओं पर विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है। भारतीय  रेलवे मेडिकल सब-सेंटर इरवो के फ्लैट्स और अन्य निजी अपार्टमेंट में रहने वाले सेवानिवृत्त व्यक्तियों को रिलीफ देने का प्रबंध करता है, ताकि उनमें से कुछ निजी पार्टियों आदि से सहभागिता के साथ संयुक्त उद्यम विकसित किया जा सके।  

 

हैल्थ इंटेलिजेंस

                                                                भारतीय रेलवे में हैल्थ केयर सेवाएं

                                                                                    2006-2007

विद्यमान अस्पतालों की संख्या (9 जोनल अस्पतालों और 5 सुपर स्पेशिलिटी सेंटर सहित)

121

नए स्वीकृत अस्पताल

4

हैल्थ यूनिटों की संख्या

586

बिस्तरों की संख्या (इनडोर)

13770

चिकित्सा अधिकारी

2506

पैरा मेडिकल स्टाफ

54337

प्रति व्यक्ति व्यय

Rs. 1092/- रु.

ओपीडी सेवाओं की संख्या

27429425

दाखिलों की कुल संख्या

473434

मेजर सर्जरी की संख्या

37361

बजट ( 2007-08)

799 करोड़ रु.

                                    

नए स्वीकृत अस्पताल

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल - पटना

150 बिस्तर वाला

मंडल  अस्पताल - नांदेड़  

50  बिस्तर वाला

मंडल अस्पताल -  रायपुर

50  बिस्तर वाला

मंडल अस्पताल - आगरा

60 बिस्तर वाला

                                          

स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न आंकड़े